प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश – 12 जनवरी 2026 को महान समाज सुधारक, दार्शनिक और युवाओं के प्रेरक स्वामी विवेकानन्द की जयंती के अवसर पर जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री शिव सहाय अवस्थी और पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने स्टेशन रोड चौराहा स्थित स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।
जिलाधिकारी श्री अवस्थी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में स्वामी विवेकानन्द के जीवन और विचारों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने अपने ओजस्वी विचारों और कर्मों से न केवल देश को नई दिशा दी, बल्कि युवाओं के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्त्रोत भी बने। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का जीवन और उनके आदर्श आज भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर ने भी स्वामी विवेकानन्द के जीवन मूल्यों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति स्वामी विवेकानन्द के जीवन का मूल आधार थे। उन्होंने बताया कि यदि युवाओं और समाज के सभी वर्ग इन मूल्यों को अपनाएं, तो यह देश और समाज के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में ईओ नगर पालिका राकेश कुमार के साथ-साथ स्थानीय गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया। सभी उपस्थित लोगों ने स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने स्वामी विवेकानन्द के शिक्षाप्रद विचारों और उनके आदर्शों पर चर्चा की।
स्वामी विवेकानन्द का संदेश केवल आध्यात्मिक नहीं था, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय निर्माण से जुड़ा था। उन्होंने शिक्षा, नैतिकता और सेवा के महत्व पर जोर दिया। उनके विचार आज भी युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और समाज सेवा की भावना पैदा करते हैं। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि स्वामी विवेकानन्द का जीवन न केवल देश के लिए बल्कि व्यक्तिगत विकास के लिए भी मार्गदर्शक है।
प्रतापगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानन्द के विचारों और आदर्शों को जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक युवा को अपने जीवन में अनुशासन, शिक्षा और सेवा के महत्व को अपनाना चाहिए। स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं से प्रेरित होकर युवा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचार न केवल शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कृति के संरक्षण में भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा के पास खड़े होकर उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर स्थानीय मीडिया भी मौजूद रही और उन्होंने कार्यक्रम की व्यापक कवरेज की।
प्रतापगढ़ में स्वामी विवेकानन्द की जयंती का यह आयोजन युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के लिए प्रेरक साबित हुआ। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम जिले में समाजिक और नैतिक चेतना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।