प्रतापगढ़ जनपद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में तैनात एक संविदा स्टाफ नर्स ने अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। परिजन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना जिला मुख्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर देहात कोतवाली क्षेत्र के फुलवारी गांव के पास की बताई जा रही है। मृतक की पहचान अतुल पाण्डेय (37) के रूप में हुई है, जो मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत था। परिजनों के अनुसार, अतुल मंगलवार को अपनी नियमित दिन की शिफ्ट पूरी कर शाम करीब छह बजे घर लौटा था।
बताया गया कि रोजमर्रा की तरह उसने परिवार के साथ भोजन किया। रात के समय किसी बात को लेकर उसकी अपनी मां से कहासुनी हो गई। परिजनों का कहना है कि मां ने उसे नशे की आदत को लेकर डांटा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसके बाद वह रात करीब दस बजे अपने कमरे में सोने के लिए चला गया।
परिजनों ने बताया कि कमरे में जाने के बाद अतुल अपने मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति से बातचीत कर रहा था। रात लगभग साढ़े दस बजे अचानक कमरे से गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही घर के लोग घबराकर कमरे की ओर दौड़े। दरवाजा खोलते ही उन्होंने देखा कि अतुल फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ है और कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ है।
परिजनों के अनुसार, गोली अतुल की कनपटी के आर-पार हो गई थी। उसके पास ही एक तमंचा भी पड़ा हुआ था। घबराए परिजन उसे तुरंत लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही देहात कोतवाली प्रभारी पुष्पराज सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य जुटाए, तमंचे को कब्जे में लेकर फिंगरप्रिंट जांच के लिए लैब भेजा गया और खून के नमूने भी लिए गए।
पुलिस को मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आत्महत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा कहां से आया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले अतुल ने मोबाइल फोन से किसी अज्ञात नंबर पर बात की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किससे और किस विषय पर बातचीत की थी।
इस संबंध में सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, पारिवारिक स्थिति और कार्यस्थल से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के बारे में बताया गया कि अतुल दो भाइयों में सबसे छोटा था। वह गांव में अपनी मां और बड़े भाई के साथ रहता था। उसके बड़े भाई सुभाष पाण्डेय एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। अतुल के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और वह अविवाहित था।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।