ABVP ने युवा लेखक अर्पित शुक्ला को किया सम्मानित: प्रतापगढ़ में हुआ भव्य साहित्यिक आयोजन

प्रतापगढ़। सांस्कृतिक, साहित्यिक और नैतिक मूल्यों की भूमि प्रतापगढ़ एक बार फिर गौरवान्वित हुई, जब युवा लेखक और बहुभाषी साहित्यकार अर्पित शुक्ला को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि युवाओं में साहित्यिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।


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✦ साहित्यिक उपलब्धियों को मिली नई पहचान

अर्पित शुक्ला, जिन्होंने अब तक 27 से अधिक किताबें और 150 से ज्यादा कविताएं लिखी हैं, और जिनकी रचनाएं 15 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, को मंच पर विशेष स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा समाज, भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में किए गए योगदान को समर्पित था।


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✦ मंच पर दिखा नेतृत्व और प्रेरणा का संगम

कार्यक्रम में ABVP के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:

शुभम मिश्रा – जिला संयोजक

अनिल त्रिपाठी – विभाग संगठन मंत्री

अर्पित तिवारी – युवा मोर्चा जिला मंत्री

अजीत सिंह – ABVP जिला प्रमुख

सुधांशु – प्रांत सह मंत्री

मोहित तिवारी – तहसील संयोजक, रानीगंज

आयुष – SFS प्रांत सह संयोजक


इन सभी ने अर्पित शुक्ला को युवाओं के लिए एक आदर्श बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


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✦ "अर्पित की लेखनी युग चेतना की प्रतीक है" – ABVP

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री अनिल त्रिपाठी ने कहा:

> "जब युवा समाज के प्रति संवेदनशील होकर सृजन करते हैं, तो राष्ट्र का भविष्य स्वर्णिम बनता है। अर्पित की लेखनी समाज के गहरे भावों को शब्द देती है, जो आने वाली पीढ़ियों को दिशा दिखाएगी।"




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✦ अर्पित शुक्ला ने जताया आभार

सम्मान मिलने पर अर्पित शुक्ला ने भावुक शब्दों में कहा:

> "यह सम्मान मेरी उपलब्धियों का नहीं, बल्कि मेरी जिम्मेदारियों का विस्तार है। ABVP का यह स्नेह मुझे और गहराई से सोचने, लिखने और समाज को देने की प्रेरणा देता है। मेरी लेखनी का उद्देश्य सिर्फ रचना नहीं, संस्कारों का संवहन है।"




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✦ साहित्यिक ऊर्जा से गूंजा समारोह

कार्यक्रम के समापन पर जैसे ही राष्ट्रगान हुआ, माहौल में देशभक्ति और साहित्यिक प्रेरणा की लहर दौड़ गई। कई छात्र-छात्राओं ने अर्पित शुक्ला से संवाद करते हुए उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया और भविष्य में लेखन क्षेत्र में सक्रिय होने का संकल्प लिया।

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